राम से जय श्रीराम तक राम ही राम
कमल किशोर डुकलान ‘सरल’ रुड़की,हरिद्वार (उत्तराखंड) राम का अतीत इतना व्यापक और विस्तारित है कि उन्हें समझ और संज्ञान की सीमाओं में चिन्हित करना बहुत दूर की कोड़ी का काम है। भारतीय समाज में राम उस वट-वृक्ष की तरह…
कमल किशोर डुकलान ‘सरल’ रुड़की,हरिद्वार (उत्तराखंड) राम का अतीत इतना व्यापक और विस्तारित है कि उन्हें समझ और संज्ञान की सीमाओं में चिन्हित करना बहुत दूर की कोड़ी का काम है। भारतीय समाज में राम उस वट-वृक्ष की तरह…