रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर जिले के गदरपुर क्षेत्र में हाल ही में सामने आए एक मामले ने सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। कथित मतांतरण गतिविधियों की जांच के बीच अब युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित करने के आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। इस प्रकरण में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) द्वारा गदरपुर निवासी सलाउद्दीन की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

गौरतलब है कि ऊधम सिंह नगर जनपद लंबे समय से सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता रहा है। बीते कुछ वर्षों में गदरपुर और आसपास के क्षेत्रों से मतांतरण से जुड़े कई मामले सामने आए, जिनकी जांच के लिए प्रशासन को विशेष स्तर पर कार्रवाई करनी पड़ी थी। ऐसे में हालिया खुलासे ने एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।

एसटीएफ के अनुसार गिरफ्तार सलाउद्दीन पिछले करीब डेढ़ वर्ष से विभिन्न सोशल मीडिया और इंटरनेट प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं के संपर्क में था। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल कर युवाओं को कथित रूप से कट्टरपंथी विचारधारा की ओर प्रभावित करने का प्रयास कर रहा था।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर कई समूह और नेटवर्क तैयार किए थे। इन समूहों के जरिए युवाओं तक पहुंच बनाने और उनसे लगातार संपर्क बनाए रखने की कोशिश की जा रही थी। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से बड़ी संख्या में लोग जुड़े हो सकते हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ अब आरोपी के मोबाइल फोन, डिजिटल उपकरणों और उससे जुड़े सोशल मीडिया खातों की गहन तकनीकी जांच कर रही है। इसके अलावा उन मोबाइल नंबरों, ऑनलाइन संपर्कों और अन्य डिजिटल कनेक्शनों की भी पड़ताल की जा रही है, जो कथित रूप से इस नेटवर्क से जुड़े हुए थे।

जांच अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत जांच के बाद पूरे नेटवर्क की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी। साथ ही यह भी स्पष्ट हो पाएगा कि इस गतिविधि में अन्य लोगों की क्या भूमिका रही और इसका दायरा कितना व्यापक था।

इस मामले के सामने आने के बाद जिले में सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय खुफिया तंत्र की सक्रियता को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि यदि ऐसी गतिविधियां लंबे समय से संचालित हो रही थीं, तो स्थानीय स्तर पर समय रहते इसकी जानकारी क्यों नहीं मिल सकी।

फिलहाल एसटीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मामले की हर पहलू से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति और इससे जुड़े तथ्यों का खुलासा हो सकेगा। वहीं, सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि यदि किसी प्रकार का संगठित नेटवर्क सक्रिय था, तो उसे पूरी तरह चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की जाए।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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