कर्णप्रयाग/चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित कर्णप्रयाग नगर में मंगलवार को एक मामूली कहासुनी ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। हेमकुंड साहिब यात्रा पर जा रहे सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद के बाद हालात इतने बिगड़ गए कि दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार विवाद के दौरान तलवारों का भी इस्तेमाल किया गया, जिसमें कई स्थानीय लोग घायल हो गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया और नाराज व्यापारियों व स्थानीय नागरिकों ने बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। घटना के चलते बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की यात्रा पर जा रहे हजारों श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गए। कैसे शुरू हुआ विवाद? प्राप्त जानकारी के अनुसार सिख श्रद्धालुओं का एक जत्था हेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए जा रहा था। इसी दौरान कर्णप्रयाग बाजार क्षेत्र में किसी बात को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच कहासुनी हो गई। शुरुआत में मामला सामान्य विवाद जैसा लग रहा था, लेकिन कुछ ही देर में यह झड़प हिंसक रूप धारण कर गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी बहस हुई और फिर हाथापाई शुरू हो गई। इसी दौरान कथित तौर पर कुछ श्रद्धालुओं ने तलवारें निकाल लीं और स्थानीय लोगों पर हमला कर दिया। इस हमले में चार स्थानीय लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। बाजार में मची अफरा-तफरी घटना के बाद कर्णप्रयाग बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर एकत्र हो गए। देखते ही देखते यह मामला पूरे नगर में चर्चा का विषय बन गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि श्रद्धालुओं द्वारा की गई हिंसक कार्रवाई के कारण निर्दोष लोग घायल हुए हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों का कहना है कि विवाद दोनों पक्षों के बीच बढ़ा, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। विरोध में हाईवे पर उतरे व्यापारी घटना से नाराज स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित लोगों ने कर्णप्रयाग बाजार में एकत्र होकर बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। इसके चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की ओर जा रहे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई वाहन घंटों तक सड़क पर फंसे रहे। जाम के कारण स्थानीय यातायात भी पूरी तरह प्रभावित हुआ। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर वाहनों को रोककर ट्रैफिक को नियंत्रित करने का प्रयास किया। प्रशासन लगातार लोगों को समझाने और जाम खुलवाने में जुटा रहा। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों, व्यापारियों और श्रद्धालुओं से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। पुलिस ने क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। बाजार और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। क्या बोले पुलिस अधिकारी? कर्णप्रयाग के क्षेत्राधिकारी (सीओ) त्रिवेंद्र सिंह राणा ने बताया कि बाजार क्षेत्र में सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच कहासुनी हुई थी, जो बाद में मारपीट में बदल गई। उन्होंने बताया कि तलवार से हमला किए जाने की सूचना मिली है और कुछ लोग घायल हुए हैं। सीओ के अनुसार घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी विरोध प्रदर्शन किया और यातायात बाधित कर दिया। पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार लोगों को समझाने का प्रयास कर रही है तथा स्थिति अब नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि जल्द ही यातायात को पूरी तरह सुचारू कर दिया जाएगा। जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों और दोनों पक्षों के लोगों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि विवाद की वास्तविक वजह का अभी तक आधिकारिक रूप से पता नहीं चल पाया है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि झड़प किस कारण शुरू हुई और हिंसा के लिए कौन जिम्मेदार था। यात्रा सीजन में बढ़ी चिंता यह घटना ऐसे समय में हुई है जब चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा अपने चरम पर हैं। हर दिन हजारों श्रद्धालु इन धार्मिक स्थलों की ओर जा रहे हैं। ऐसे में कर्णप्रयाग जैसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर हुई हिंसक घटना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत किए जाने की जरूरत है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके। वहीं प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में पुलिस और प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद हालात सामान्य होने लगे हैं। हाईवे से जाम हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और यातायात को धीरे-धीरे सुचारू किया जा रहा है। हालांकि क्षेत्र में अभी भी पुलिस बल तैनात है और पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है। कर्णप्रयाग की यह घटना चारधाम और हेमकुंड यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर रही है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं, जिससे इस पूरे विवाद की वास्तविक वजह सामने आ सके। Post navigation सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम पर अचानक रोक: मानसून से पहले बढ़ी उत्तराखंड की चिंता, जानिए क्या है पूरा मामला किशाऊ बांध परियोजना को मिली मंजिल की राह, अमित शाह के हस्तक्षेप से छह राज्यों में बनी सहमति