चमोली जिले के कर्णप्रयाग में निहंग सिख यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद के बाद हालात संवेदनशील बने हुए हैं। मामूली कहासुनी के बाद हुई इस घटना में तलवार से हमले की खबर सामने आई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। इसके बाद प्रशासन ने पूरे जिले, खासकर सीमावर्ती क्षेत्रों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। सीमांत इलाकों में सुरक्षा कड़ी, वाहनों की सघन चेकिंग रविवार, 21 जून को गैरसैंण उपजिलाधिकारी अबरार अहमद और कर्णप्रयाग क्षेत्राधिकारी होशियार सिंह पांगती के नेतृत्व में भारी पुलिस बल और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात रही। गैरसैंण, मेहलचौरी और पांडुवाखाल जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में अधिकारियों ने खुद मोर्चा संभाला। इस दौरान सभी संदिग्ध वाहनों की गहन जांच की गई। कर्णप्रयाग कूच के ऐलान के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा घटना के बाद विभिन्न राज्यों और मैदानी क्षेत्रों के सिख समुदायों ने 21 जून को कर्णप्रयाग कूच का ऐलान किया था। संभावित तनाव को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन कर्णप्रयाग में 27 जून तक बीएनएस की धारा 161 लागू कर दी है। चेकिंग अभियान तेज, संदिग्धों पर नजर पांडुवाखाल और मेहलचौरी बैरियर पर पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान चलाया। सब इंस्पेक्टर सुमित बंधुनी और बिशनलाल रंवाटा के नेतृत्व में हर वाहन की जांच की गई और बाहरी लोगों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। प्रशासन का बयान गैरसैंण के कोतवाल मनोज कुमार सिरोला ने बताया, “जिला प्रशासन के निर्देशानुसार शांति व्यवस्था बहाल होने तक सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती जारी रहेगी। बाहरी जिलों से आने वाले संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।” स्थिति पर प्रशासन की नजर फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन की कड़ी नजर बनी हुई है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी गई है। Post navigation नगरासू गुरुद्वारा विवाद गहराया: दूसरे दिन भी निहंगों का कब्जा बरकरार, कर्णप्रयाग में इंटरनेट सेवा बंद