देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पांचवें दिन भी विपक्ष आक्रामक नजर आया। सत्र की कार्यवाही शुरु होते ही नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने टीएचडीसी के विलय का मामला उठाया। इस पर संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने कहा कि इससे जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में है लिहाजा चर्चा में नहीं आ सकता। प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक ममता राकेश ने डेंगू से हुई मौतों का मामला उठाया। उन्होंने सरकार पर गलत आंकड़े देने का आरोप लगाया जिसका संसदीय कार्यमंत्री ने विरोध किया और कहा कि सरकार गंभीरता से जवाब दे रही है। प्रश्नकाल में डेंगू पर सवाल उठाते हुए विधायक ममता राकेश ने मांग की कि डेंगू पीड़ितों का मुफ्त इलाज करवाया जाए और डेंगू से मरने वाले के परिजनों को सरकार यूपी की तर्ज पर मुआवजा दे। इस पर संसदीय सचिव ने जवाब दिया कि डेंगू से मौत पर मुआवजे को लेकर अभी कोई विचार नहीं किया गया है। नेता प्रत्तिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने भी इस मामले में शामिल होते हुए कहा कि सरकार इसे हल्के ढंग से ले रही है। सरकार की तरफ से जिम्मेदार मंत्री गलत जवाब संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक अपने जवाब पर अड़े रहे। उन्होंने कहा कि सरकार गंभीरता के साथ जवाब दे रही है। उन्होंने बताया कि सितंबर में डेंगू के 2803, अक्टूबर में 1357 और नवंबर 172 केस हुए हैं। विधायक महेंद्र भट ने जिलावार डेंगू से हुई मौतों का आंकड़ा मांगा। संसदीय कार्यमंत्री ने बताया कि देहरादून में 6 और नैनीताल में 2 लोगों की डेंगू के कारण मौत हुई हैं, बाकी जिलों में कोई मौत नहीं हुई। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने कहा कि वे इस मामले में विशेषधिकार हनन का नोटिस दे रही हैं। Post navigation डीएवी में छात्र गुटों के बीच जमकर मारपीट नैनी झीलः जल स्तर छह फीट नीचे पहुंचा