-स्वामी चिदानन्द सरस्वती के सान्निध्य में योगियों ने किया ध्यान -योग के साथ-साथ पर्यावरण योग भी बहुत जरूरीः स्वामी चिदानन्द सरस्वती ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन में योग और ध्यान की विभिन्न विधाओं को आत्मसात करने हेतु चीन से योग जिज्ञासुओं का दल पधारा। योगियों ने परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती, जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती, योगाचार्य साध्वी आभा सरस्वती से भेंट कर योग, ध्यान, योगनिद्रा के विषय में जानकारी प्राप्त की और आध्यात्मिक सत्संग में सहभाग किया। स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने चीन से आये योगियों को ध्यान का महत्व बताते हुये ध्यान का अभ्यास कराया। साध्वी भगवती सरस्वती ने भारतीय अध्यात्म और दर्शन के विषय में उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। योगाचार्य साध्वी आभा सरस्वती ने हठयोग और योगनिद्रा का अभ्यास कराया। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज ने कहा, ’वसुधैव कुटुम्बकम को साकार करने के लिये योग एक प्रयोग है। योग, व्यक्ति को योग्य बनाता है और उस योग्यता का उपयोग समाज के लियेय पर्यावरण के लियेय नदियों के लिये तथा पूरी धरती को प्रदूषण मुक्त करने के लिये करें। स्वामी जी ने कहा कि योग से प्रतिदिन जीवन में नये-नये प्रयोग करे और उन प्रयोगों को और उससे प्राप्त ऊर्जा का उपयोग विश्व बन्धुत्व के लियेय समरसता, सद्भावय संस्कारय संस्कृति और शान्ति की स्थापना के लिये करे। योग के साथ-साथ पर्यावरण योग भी बहुत जरूरी है। स्वामी जी ने कहा कि योग, रोगों से मुक्ति की माध्यम है। योग के माध्यम से हम परमपिता परमात्मा की निकटता प्राप्त कर सकते है। साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि जब हम माँ गंगा के तट और हिमालय की गोद में आते हैं तथा योग की जन्मभूमि में प्रवेश करते तो स्वतः ही योगमय जीवन की अनुभूति होने लगती है। योग जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने जल की बढ़ती समस्याओं पर सभी का ध्यान आकर्षित करते हुये कहा कि यूÛएनÛ एÛ द्वारा जारी की गयी रिपोर्ट के आधार पर वर्ष 2040 तक पूरी दुनिया के पास आज की तुलना में केवल आधा ही जल बचेगा जिससे अनुमान लगाया जा सकता है कि अब विश्व में जल शरणार्थियों की संख्या युद्ध शरणार्थियों से भी अधिक हो सकती है इसलिये जल संरक्षण की दिशा में सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिये। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में सभी योग जिज्ञासुओं ने विश्व स्तर पर जल की आपूर्ति हेतु वाॅटर ब्लेसिंग सेरेमनी सम्पन्न की। स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने सभी कोे पर्यावरण संरक्षण और एकल उपयोग प्लास्टिक का उपयोग न करने का संकल्प कराया। Post navigation राजाजी टाइगर रिजर्व से सटे 25 गांवों को मिलेगी आर्थिक मदद हिन्दूवादी नेता कमलेश तिवारी के परिवार को 10 करोड़ की आर्थिक सहायता व सुरक्षा की मांग