देहरादून। गुरुवार को हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। अभी तक 28 लाख तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे में मत्था टेक चुके हैं। हेमकुंड साहिब के कपाट बंद होने के मौके पर शामिल होने के लिए इससे पहले करीब 3000 हजार सिख तीर्थयात्रियों का एक जत्था बुधवार को घांघरिया में रात्रि प्रवास के बाद गुरूवार सुबह हेमकुण्ड के लिए रवाना हुआ था। सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट गुरूवार सुबह विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इस खास पल का साक्षी बनने के लिए 3000 हजार श्रद्धालुओं का एक जत्था घांघरिया से हेमकुंड पहुंचा था। वहीं, तीर्थयात्रियों में खासा उत्साह भी देखने को मिला। गौरतलब है कि, गुरुवार दोपहर 1.30 बजे हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। अभी तक 28 लाख तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे में मत्था टेक चुके हैं। गोविंदघाट गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि हेमकुंड साहिब के कपाट बंद होने की तैयारियां गुरूवार सुबह 10.00 बजे से शुरू की गई थी। शब्द कीर्तन अरदास के बाद पंच प्यारों की अगुवाई में ठीक 1.30 पर हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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