अल्मोड़ा। अल्मोड़ा में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की विशेष पहल पर ऐतिहासिक दशहरा महोत्सव में पहली बार अल्मोड़ा प्रशासन ने भी समाज को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के संदेश के साथ शिरकत की। रावण परिवार के पुतलों के बीच कलक्ट्रेट के कर्मचारियों द्वारा रिकॉर्ड 4 दिनों में बनाए पुतले के साथ प्रतिभाग किया। इस पुतले का नाम ‘महिरावण’ रखा गया है। जिलाधिकारी ने बताया की इस पुतले निर्माण का उद्देश्य समाज में दहेज हत्या व कन्या भू्रण हत्या जैसी बुराईयों को जलाकर नष्ट करना है।
   जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट में पुतले के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि इस पुतले को बनाने का यही उद्देश्य है कि समाज में बच्चियों से उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने, दहेज हत्या व कन्या भ्रूण हत्या रूपी दानव को खत्म करने के साथ साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में प्रशासन द्वारा पूर्ण सहयोग करना है। उन्होंने निर्माण में लगे सभी कर्मचारियों अन्य लोगों के सहयोग को सहारा। जिलाधिकारी ने कहा कि लिए प्रत्येक वर्ष इस पुतले का निर्माण कर अलग-अलग प्रकार का संदेश लोगों के बीच दिया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी मनुज गोयल, अपर जिलाधिकारी बी एल फिरमाल, पुतला महोत्सव समिति के अध्यक्ष राकेश जोशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी मंनविदर कौर, विनोद राठौर, कैलाश भट्ट, शशि मोहन पांडे, मनोज मासीवाल, मनोज कांडपाल, हरीश उपाध्याय, जगजीवन बिष्ट, दीपक तिवारी, सुरेश नयाल के अलावा कलक्ट्रेट के अन्य कर्मचारी जनपद स्तरीय अधिकारी व अन्य लोग उपस्थित थे।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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