हल्द्वानी। जहां एक ओर विधायकों व मंत्रियों को सरकारी आवास उपलब्ध कराये जा रहे हैं। वहीं सरकारी विभागों में तैनात कर्मचारियों को आवास सुविधा उपलब्ध नहीं हो रही है। पूर्व से आवंटित आवासों तक को खाली कराया जा रहा है। ऐसा ही हाल इन दिनों पुलिस महकमे में देखने को मिल रहा है। एसएसपी ने कोतवाली स्थित महिला बैरकों को खाली कराने का नोटिस जारी कर दिया है। इससे महिला पुलिस कर्मियों में खलबली मची हुई है। हल्द्वानी कोतवाली में दो महिला बैरक हैं। जिनमें करीब दो दर्जन से अधिक महिला पुलिस कर्मी निवास करती हैं। लेकिन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की ओर से इन आवासों को खाली कराने का नोटिस जारी कर दिया गया है। इसके पीछे तर्क दिया गया है कि उक्त स्थान पर गेस्ट हाउस का निर्माण किया जायेगा। जिसमें बाहर से आने वाले पुलिस कर्मियों के लिए ठहरने की व्यवस्था की जायेगी। एसएसपी के इस फरमान से महिला पुलिस कर्मियों में खलबली मची हुई है। उनके समक्ष आवास खाली करने के बाद अन्यत्र किराये में आवास लेने की समस्या उत्पन्न हो गई है। चूंकि पुलिस कर्मियों को मिलने वाला सरकारी आवास भत्ता इतना कम है कि इसमें कहीं भी आवास ले पाना संभव नहीं है। जहां एक ओर महिला बैरकों को खाली कराने का फरमान जारी किया गया है, वहीं दूसरी ओर उनके लिए आवास जैसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। Post navigation डेंगू को लेकर त्रिवेन्द्र सरकार संवेदनहीनः नेता प्रतिपक्ष चीन ने नहींं किया भारतीय सीमा का अतिक्रमण : विदेश मंत्री