देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो रहा है। भूस्खलन से जहां सड़कों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं भूस्खलन और मलबे की चपेट में आकर कई वाहन दब गए। घरों में मलबा घुस गया।
 उत्तरकाशी के डुंडा, भटवाड़ी और चमोली जिले के कर्णप्रयाग में बारिश ने कहर बरपा दिया। भूस्खलन और मलबे की चपेट में आकर कई वाहन दब गए। घरों में मलबा घुस गया। डुंडा में भूस्खलन की चपेट में आने से आठ दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। हरिद्वार में हरनोल नदी के उफान पर आने से पांच घरों को खाली कराना पड़ा। उधर, बारिश, भूस्खलन के कारण प्रदेश की 167 सड़कों पर यातायात बंद हो गया।
कर्णप्रयाग में कारें दबीं, घरों में मलबा घुसा
शनिवार देर रात अतिवृष्टि ने कर्णप्रयाग में कहर बरपा दिया। नगर के शक्तिनगर, गांधीनगर, आईटीआई, सांकरी, सुभाषनगर में कई घर भूस्खलन की जद में आ गए। प्रभावित परिवारों ने रिश्तेदारों के यहां शरण ली है। बदरीनाथ हाइवे पर दो कारें दब गईं और एक मलबे के साथ बहकर खाई में गिर गई। नैनीताल हाईवे नौ घंटे तक बंद रहा। जबकि, ग्वालदम हाइवे देर शाम तक नहीं खोला जा सका। कर्णप्रयाग में 114 मिमी बारिश रिकार्ड की गई।
डुंडा में आठ दुकानें और वाहन क्षतिग्रस्त
उत्तरकाशी में भारी बारिश के कारण रविवार सुबह हुए भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे से सटी आठ दुकानें और सड़क किनारे खड़े कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। जबकि, असी गंगा घाटी को जोड़ने वाला गंगोरी-संगमचट्टी मार्ग के क्षतिग्रस्त हो जाने से घटी के गांवों का मुख्यालय से संपर्क कट गया। उधर, गंगोत्री-यमुनोत्री राजमार्ग रविवार को जगह-जगह बंद रहे। हालांकि, दोपहर बाद दोनों मार्ग खोल दिए गए

By उत्तराखंड संवाद भारती

उत्तराखंड संवाद भारती उत्तराखंड सहित देश-दुनिया की ताज़ा, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरों को पाठकों तक पहुंचाने के लिए समर्पित है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *