देहरादून। चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं के भारी संख्या में आने के कारण सरकार ने प्रत्येक धाम में प्रतिदिन की पंजीकरण क्षमता एक-एक हजार बढ़ाने का निर्णय लिया है। अभी तक बदरीनाथ में 15000, केदारनाथ में 12000, गंगोत्री में 7000 और यमुनोत्री में 4000 यात्रियों का प्रतिदिन पंजीकरण कराने के व्यवस्था है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीर्थ यात्रियों से यात्रा से पहले अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने की अपील की है। उधर, एक सप्ताह के दौरान चार धाम यात्रा मार्ग पर 20 यात्रियों की मृत्यु के मामलों को देखते हुए पीएमओ ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है।
केदारनाथ यात्रा पर आए दो यात्रियों की हुई मौत
केदारनाथ यात्रा पर आए दो यात्रियों की मंगलवार को मौत हो गई। अब तक केदारनाथ में सात यात्रियों की हृदय गति रुकने से मौत हुई, जबकि एक ही खाई में गिरने से मौत हुई है। कुल आठ की मौत हुई हैं।केदारनाथ में मौसम श्रद्धालुओं की कड़ी परीक्षा ले रहा है। केदारनाथ के कपाट छह मई को खुल गए थे। उसके बाद से ही प्रतिदिन केदारनाथ धाम में बारिश हो रही है। इससे तापमान शून्य से नीचे पहुंच रहा है। ऐसे में कई श्रद्धालु हाइपोथर्मिया की चपेट में आ रहे हैं। इस दौरान ऐसे दो हजार से अधिक श्रद्धालुओं का उपचार किया गया।केदारनाथ के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। बीते रोज भीड़ इस कदर बढ़ गई कि दोपहर करीब 12 बजे के बाद पांच हजार श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग में रोकना पड़ा। वहीं, 28,995 श्रद्धालु सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिए रवाना किए। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक कुमार ने श्रद्धालुओं से पंजीकरण के बाद ही चार धाम यात्रा पर आने की अपील की।

By उत्तराखंड संवाद भारती

उत्तराखंड संवाद भारती उत्तराखंड सहित देश-दुनिया की ताज़ा, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरों को पाठकों तक पहुंचाने के लिए समर्पित है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed