देहरादून। सूबे के पहाड़ी इलाकों में बारिश खूब कहर बरपा रही है। मुनस्यारी और धारचूला में हुई मूसलाधार बारिश से क्षेत्र में आपदा जैसा नजारा देखने को मिल रहा है। बारिश का ऐसा रूप देख ग्रामीण खौफ में हैं। वहीं, चीन सीमा से भी संपर्क कट चुका है। शनिवार देर रात को मुनस्यारी और धारचूला में मूसलाधार बारिश हुई। इस दौरान बारिश के बाद छोरीबगड़ और भूकटाव होने से कई मकान बह गए। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि इस दौरान चार परिवारों के मवेशी पानी के तेज बहाव में बह गए। थल- मुनस्यारी, टनकपुर- तवाघाट हाईवे मलबा आने से बंद है। चीन सीमा का संपर्क कट चुका है।
मुनस्यारी के बलोटा गांव में लोगों के घरों में बारिश का पानी और मलबा घुसा गया। जिसके कारण लोगों के घरों को भी नुकसान पहुंचा और फसलें भी तबाह हो गई। इसके चलते ग्रामीणों को पूरी रात सड़क पर बितानी पड़ी। तहसील बंगापानी के छोरीबगड़ में कई मकानों पर अभी भी खतरा बना हुआ है। टीआरसी भवन भी खतरे की जद में है। जमीन का कटाव भी लगातार हो रहा है। मुनस्यारी जौलजीबी मार्ग पर दरांती के पास बना बीआरओ का पुल भी बारिश के पानी में बह गया है। उधर, मुनस्यारी के ही धापा में पांच साल का बच्चा भी पानी में बह गया। ग्रामीणों ने बड़ी मुश्किल से बच्चे को बचाया। लगातार बारिश के कारण काली और गोरी नदी का भी जलस्तर बढ़ गया है। दोनों ही नदियां चेतावनी के निशान के करीब बह रही हैं।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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