नई दिल्ली (हि.स.)। अगर आप विदेशी भाषा सीखने में रूचि रखते हैं तो आप के लिए जापान समेत दूसरे देशों में जाने का सुनहरा अवसर है। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देकर युवाओं को विदेशों में भी रोजगार के अवसर पर काम करने का मौका उपलब्ध करा रहा। इस दिशा में मंत्रालय ने जापान सरकार के साथ एक करार के बाद 52 युवाओं के एक ग्रुप को वहां भेजा है।

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री डॉ महेन्द्र नाथ पांडेय ने बताया कि उनके मंत्रालय ने जापान सरकार के साथ एक करार किया है। इस करार के तहत हॉस्पिटैलिटी (आतिथ्य सत्कार) में कौशल प्राप्त युवाओं को जापानी भाषा का प्रशिक्षण देकर वहां एकाकी वृद्ध लोगों के सहायक के रूप में रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने बताया कि अभी 52 युवाओं के एक ग्रुप को प्रशिक्षित कर जापान भेजा गया है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दरअसल, जापान में उसके आसपास देशों के लोग हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। चूंकि, जापान के आसपास के देशों के लोगों का चेहरा-मोहरा आपस में काफी मेल खाता है, इसका लाभ लेकर वे जापान में ही बस जा रहे हैं, जिससे वहां के लोगों को समस्या आ रही है। यही कारण है कि, जापान सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों, खासकर हॉस्पिटैलिटी में कौशल प्राप्त युवाओं को अपने देश में रोजगार के अवसर देने के लिए भारत सरकार के साथ करार किया है।

दरअसल, भारत के आतिथ्य सत्कार और सेवा भाव से प्रभावित जापान चाहता है कि उसके देश में रह रहे एकाकी बुजुर्गों की सहायता के लिए भारतीय युवा आगे आएं और रोजगार प्राप्त करें ।

डॉ. पांडेय ने कहा कि मंत्रालय जापान के अलावा दूसरे देशों में भी इस हॉस्पिटैलिटी और दूसरे क्षेत्रों में कौशल प्राप्त युवाओं को वहां की भाषा का बकायदा प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराने के अवसर की दिशा मे काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल मंत्रालय हॉस्पिटैलिटी और दूसरे क्षेत्रो में कौशल प्राप्त पांच हजार युवाओं को हर साल अलग-अलग देशों में भेजने की योजना पर काम कर रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार

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